8 दिन पहलेलेखक: संदीप सिंह
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आंखें हमारे शरीर का सबसे नाजुक और सेंसिटिव हिस्सा हैं, जिनकी देखभाल हर मौसम में जरूरी है। हालांकि मानसून के दौरान इनकी सुरक्षा और भी अहम हो जाती है। इस मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है और हवा में मौजूद बैक्टीरिया व वायरस तेजी से फैलते हैं, जो आंखों के लिए खतरनाक हैं। इसलिए आंखों की सफाई और हाइजीन को लेकर थोड़ी भी लापरवाही गंभीर समस्या बन सकती है।
तो चलिए, जरूरत की खबर में बात करेंगे कि मानसून आंखों पर किस तरह असर डालता है? साथ ही जानेंगे कि-
- मानसून में आंखों के इन्फेक्शन से कैसे बचा जा सकता है?
- इस मौसम में आंखों की देखभाल के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
एक्सपर्ट: डॉ. निरेन डोंगरे, कंसल्टेंट, ऑप्थल्मोलॉजी, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई
सवाल- मानसून के दौरान आंखों पर सबसे ज्यादा किस तरह का असर पड़ता है? जवाब- इस दौरान वातावरण में लगातार बनी रहने वाली नमी, जगह-जगह जमा गंदगी और हवा में मौजूद बैक्टीरिया व वायरस आंखों के लिए परेशानी बढ़ा देते हैं। बारिश के पानी में कई तरह के सूक्ष्मजीव एक्टिव हो जाते हैं, जो आंखों के संपर्क में आने पर इन्फेक्शन फैला सकते हैं। साथ ही इस मौसम में लोग अक्सर गीले हाथों या गंदे रुमाल से आंखें पोंछ लेते हैं, जिससे इन्फेक्शन फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।
सवाल- बरसात में आंखों में कौन-कौन से इन्फेक्शन का खतरा रहता है? जवाब- इस मौसम में आंखों को बार-बार छूना, साफ-सफाई में लापरवाही और इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आना कई तरह के इन्फेक्शन को जन्म दे सकता है। इसमें कंजंक्टिवाइटिस, स्टाई, एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस और ड्राई आई इन्फेक्शन सबसे आम है। इनकी सही पहचान और समय पर देखभाल जरूरी है, जिससे यह समस्या गंभीर न बन सके।

सवाल- मानसून में आंखों को इन्फेक्शन के खतरे से कैसे बचा सकते हैं? जवाब- मानसून के मौसम में आंखों को इन्फेक्शन से बचाने के लिए कुछ बेसिक हाइजीन आदतों को अपनाना जरूरी है। सबसे पहले बार-बार हाथ धोने की आदत डालें और आंखों को बिना वजह छूने से बचें। अगर आंखों में जलन या खुजली हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें। इसके अलावा कुछ अन्य उपाय नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या मानसून के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस पहनना सुरक्षित होता है?
जवाब- जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, उन्हें इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। गीले या गंदे हाथों से लेंस लगाना, लेंस सॉल्यूशन को दोबारा इस्तेमाल करना या बारिश में भीगने के बाद लेंस न हटाना आंखों में इन्फेक्शन, एलर्जी या कॉर्नियल अल्सर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए हमेशा साफ हाथों से लेंस लगाएं और इस्तेमाल के बाद लेंस को स्टेराइल सॉल्यूशन में ही स्टोर करें।
सवाल- इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की आंखों को लेकर क्या अतिरिक्त देखभाल जरूरी है?
जवाब- बच्चों और बुजुर्गों की इम्यूनिटी अपेक्षाकृत कमजोर होती है। इसलिए बदलते मौसम, बैक्टीरिया और वायरस की मौजूदगी के कारण ये इन्फेक्शन की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। पेरेंट्स बच्चों को हाथ साफ रखने की आदत सिखाएं और अगर आंखों में जलन या लालिमा दिखे तो स्कूल भेजने से बचें। बच्चों के खिलौने, तकिए और तौलिए को साफ रखें। इससे किसी भी तरह के बैक्टीरिया से आंखों को बचाया जा सके।
वहीं अक्सर बुजुर्गों में पहले से ही आंखों से जुड़ी समस्याएं (जैसे ड्राई आई, ग्लूकोमा या मोतियाबिंद) होती हैं। ऐसे में इस मौसम में नमी और इन्फेक्शन उनकी परेशानी को और बढ़ा सकते हैं। इसलिए आंखों की नियमित सफाई, डॉक्टर द्वारा बताए गए आई ड्रॉप का समय पर इस्तेमाल और आंखों में किसी भी असहजता की स्थिति में तुरंत जांच कराना जरूरी है।

सवाल- क्या बारिश में आंखों के लिए घरेलू नुस्खे अपनाने चाहिए?
जवाब- कुछ लोग आंखों में जलन, खुजली या लालिमा होने पर घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। जैसे गुलाब जल डालना, हल्दी या शहद मिलाकर आंखों के पास लगाना या आंखों पर गीली पट्टी रखना। हालांकि इनमें से कुछ उपाय अस्थायी राहत दे सकते हैं, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी घरेलू नुस्खा आंखों में डालना खतरनाक हो सकता है।
डॉ. निरेन डोंगरे बताते हैं कि घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होने वाली चीजें भले ही नेचुरल हों, लेकिन वे 100% स्टेराइल नहीं होती हैं। इनसे आंखों में बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। खासकर अगर आंखों में पहले से जलन, सूजन या लालिमा हो, तो कोई भी घरेलू नुस्खा (जैसे गुलाब जल या शहद) डालना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
सवाल- क्या मानसून में आई मेकअप या ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल सुरक्षित है?
जवाब- मानसून में आई मेकअप का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी जरूरी है। पुराना या एक्सपायर्ड मेकअप प्रोडक्ट आंखों में एलर्जी या इन्फेक्शन फैला सकते हैं। वाटरप्रूफ मेकअप का इस्तेमाल करें और मेकअप हटाने से पहले और बाद में हाथ धोना न भूलें। किसी और का आई लाइनर, काजल या ब्रश इस्तेमाल करने से बचें।
सवाल- आंखों को लेकर किस तरह की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
जवाब- अगर आंखों में लगातार जलन, चिपचिपापन, लालिमा या धुंधला दिखना जैसे लक्षण नजर आएं तो इसे हल्के में न लें। ये इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। इस स्थिति में आंखों को रगड़ने या घरेलू उपाय अपनाने के बजाय तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना सही रहेगा। समय पर इलाज मिलने से इन्फेक्शन को गंभीर रूप लेने से पहले रोका जा सकता है।
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