छतरपुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जानराय टोरिया में 51 फीट ऊंची अष्टधातु से निर्मित भगवान हनुमान की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस समारोह में गुरुवार देर रात पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर महाराज) शामिल हुए और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। महाराज ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं से कथा की सीख को जीवन में उतारने की अपील की और जल्द ही एकांतवास में जाने का संकेत दिया है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। गुरुवार देर रात प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में पहुंचे बागेश्वर महाराज ने उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने विशाल प्रतिमा को लेकर कहा, “इतनी विशाल प्रतिमा की स्थापना केवल जिले के लिए ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए भी गौरव का विषय है।” केवल कथा सुनना पर्याप्त नहीं, आचरण परमात्मा तक पहुंचाता है अपने प्रवचन में महाराज ने जोर देकर कहा कि केवल मंदिर तक पहुंचना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्ति का आचरण ही उसे परमात्मा तक पहुंचाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कथा सुनने मात्र से लाभ नहीं होता, बल्कि उससे सीख लेकर जीवन में उतारना आवश्यक है। भगवान की कथा को केवल कानों तक सीमित न रखकर उसे हृदय में उतारने का प्रयास करें। जल्द एकांतवास में जाने का दिया संकेत समारोह के दौरान प्रवचन देते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी संकेत दिया कि वे जल्द ही एकांतवास में जाने वाले हैं। उनके इस एकांतवास में जाने के संदेश ने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं को काफी प्रभावित किया। देखिए तस्वीरें… .