घर पर बनाएं 6 नेचुरल होली के रंग, स्किन, बाल और आंखों के लिए बिल्कुल सेफ

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how to make Homemade natural holi color: रंगों का त्योहार इस वर्ष 4 मार्च को धूमधाम से सेलिब्रेट किया जाएगा. लोग अभी से होली के लिए शॉपिंग करने में जुट गए हैं. होली पर लाल, गुलाबी, नीले, पीले, हरे रंग के गुलाल न हों तो फिर होली अधूरी सी लगती है. हालांकि, आप मार्केट से होली के रंग खरीद कर लाते हैं, लेकिन इनकी क्वालिटी पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. इन सिंथेटिक रंगों में भरपूर मात्रा में केमिकल्स, लेड (सीसा) आदि मिलाए जाते हैं, जो आपकी आंखों, स्किन, बालों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं. जिनकी त्वचा संवेदनशील होती है, उन्हें एलर्जी, जलन, आंखों में इर्रिटेशन, घुटन, सांस लेने में परेशानी आदि समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में आप खुद से घर पर प्राकृतिक चीजों से घर पर ही नेचुरल होली कलर्स और गुलाल बना सकते हैं.

भारत सरकार के माई गवर्मेंट पोर्टल प्राकृतिक रंगों के बारे में काफी जानकारी देता है. इस पोर्टल के अनुसार, ये केमिकल युक्त होली के रंग पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं, क्योंकि इन्हें विघटित होने में बहुत समय लगता है. ऐसे में पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए घर पर प्राकृतिक सामग्री से रंग बनाना सबसे अच्छा विकल्प है. ये रंग त्वचा के लिए सुरक्षित होने के साथ ही बच्चों के लिए भी अनुकूल और पूरी तरह पर्यावरण हितैषी होते हैं. इन्हें किचन या बगीचे में उपलब्ध चीजों से आसानी से तैयार किया जा सकता है.

लाल रंग: चुकंदर सबसे आसान और गहरा लाल रंग देता है. 2-3 चुकंदर को छीलकर कद्दूकस करें, पानी में उबालें या ब्लेंडर में पीसकर रस निकालें. इस रस को छानकर इस्तेमाल करें. सूखा गुलाल बनाने के लिए रस में कॉर्नस्टार्च या आटा मिलाकर धूप में सुखाएं. वैकल्पिक रूप से लाल गुड़हल (हिबिस्कस) या लाल गुलाब की पंखुड़ियों को उबालकर रंग निकाल सकते हैं. अनार के छिलके या टमाटर का जूस भी लाल रंग देते हैं.

हरा रंग: पालक, धनिया या अन्य साग की पत्तियों को अच्छी तरह धोकर पानी में उबालें. पत्तियों को ब्लेंड करें और रस निकालें. इसे छानकर इस्तेमाल करें. नीम की पत्तियां भी हरा रंग देती हैं और एंटी-बैक्टीरियल गुण वाली होती हैं. सूखे गुलाल के लिए रस को कॉर्नस्टार्च में मिलाकर धूप में सुखाएं.

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गुलाबी रंग: चुकंदर के रस को थोड़ा पतला करके गुलाबी शेड पा सकते हैं. गुलाब की पंखुड़ियां या नयनतारा के फूल उबालकर भी गुलाबी रंग बनता है. प्याज के छिलकों को उबालने से हल्का गुलाबी रंग निकलता है.

नीला रंग: बटरफ्लाई पी या विष्णुकांता के फूलों को पानी में भिगोकर या उबालकर नीला रंग निकालें. जैकरांडा फूल भी नीला रंग देते हैं. इसे कॉर्नस्टार्च में मिलाकर सूखा गुलाल बनाएं.

नारंगी रंग: पलाश के फूल या मेहंदी (जेतुका) के पत्तों को उबालकर नारंगी रंग तैयार करें. हल्दी और चुकंदर के रस को मिलाकर भी नारंगी शेड बन सकता है. ये रंग बनाने में आसान हैं और इनमें कोई केमिकल नहीं होता. घर पर बनाकर परिवार के साथ होली खेलें, ताकि त्योहार खुशियों के साथ-साथ सुरक्षित और हरा-भरा बने.

पीला रंग: हल्दी पाउडर को पानी में मिलाकर उबालें, फिर छान लें. इसे बेसन, चावल के आटे या कॉर्नस्टार्च में मिलाकर पीला गुलाल बनाएं. गेंदे (मैरिगोल्ड) की पंखुड़ियों को उबालकर भी चमकीला पीला रंग तैयार होता है. ये रंग त्वचा पर चमकदार और सुरक्षित रहता है.

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